कम्प्यूटर वायरस क्या है? | कंप्यूटर वायरस के प्रकार और बचाव

कंप्यूटर और इंटरनेट का युग आज हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। इनके माध्यम से हम अनगिनत संभावनाओं का आनंद ले रहे हैं, लेकिन इसी के साथ कंप्यूटर वायरस की भी चुनौती बढ़ रही है। ये डिजिटल जगत के लिए एक महान खतरा हैं, जो हमारे डेटा, निजी जानकारी, और सिस्टमों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम जानेगे की कम्प्यूटर वायरस क्या है और यह कैसे काम करता है।

1) कम्प्यूटर वायरस क्या है?

कंप्यूटर वायरस एक प्रकार का सॉफ़्टवेयर होता है जो किसी कंप्यूटर या इंटरनेट प्रोग्राम को संक्रमित करने की क्षमता रखता है। यह एक छोटा सा प्रोग्राम होता है जो खुद को अन्य सॉफ़्टवेयर में छिपा कर उन्हें बिना जाने चला सकता है।

ये वायरस कंप्यूटर उपयोगकर्ता के डेटा, जानकारी, या कंप्यूटर सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। वे अक्सर खुद नहीं दिखते हैं, लेकिन उनका प्रभाव कंप्यूटर और इन्टरनेट प्रोग्रामों पर होता है। इन्हें बनाने वाले लोग विभिन्न कारणों से इन वायरसों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे की डेटा चोरी, निजी जानकारी की चोरी, या कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाना।

वायरस एक प्रकार का कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जो अनुज्ञापन के बिना किसी कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश कर सकता है। यह अपने आप को प्रतिस्थापित करता है और सिस्टम को संक्रमित करने का प्रयास करता है। इन वायरसों का उद्देश्य साधारणत: नुकसान पहुंचाना, डेटा चोरी करना, सिस्टम को बाधित करना या फिर कंप्यूटर को नियंत्रित करना होता है।

कम्प्यूटर वायरस क्या है

2) कंप्यूटर वायरस की शुरुआत-

कंप्यूटर वायरसों की शुरुआत कंप्यूटर और इंटरनेट की विकास के साथ हुई। पहले कंप्यूटर तकनीकी उन्नति तेजी से हो रही थी और इसके साथ ही इंटरनेट का प्रयोग भी बढ़ रहा था। इसी दौरान कंप्यूटर वायरसों की पहली रिपोर्टिंग हुई जब 1970 और 1980 के बीच एक्सपेर्ट्स ने पहले वायरस को खोजा और रिपोर्ट किया। यह पहला कंप्यूटर वायरस ‘Creeper’ था, जो एक प्रोग्राम होता था और एक सिस्टम की स्क्रीन पर “I’m the creeper, catch me if you can!” लिखकर प्रदर्शित होता था।

वायरसों की शुरुआत में, ये प्रोग्राम्स ज्यादातर एक्सपेरिमेंटल थे और इन्हें ज्यादातर करने वाले छात्रों या एक्सपेर्ट्स ने बनाया था। लेकिन समय के साथ, ये वायरस बढ़ती तकनीकी जानकारी और इंटरनेट के विकास के साथ बड़े और हानिकारक बन गए। वायरस निर्माताओं के लिए इन्हें एक हानिकारक और अवैध माध्यम मिल गया था जिससे वे जानकारी चोरी कर सकते थे, इंटरनेट प्रोग्राम्स को बाधित कर सकते थे और लोगों के डेटा को चोरी कर सकते थे।

3) कंप्यूटर वायरस कैसे काम करता है?

कंप्यूटर वायरस एक छोटा सा सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम होता है जो किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश करके उसे संक्रमित करता है। यह एक खामियों से भरा होता है, जो कंप्यूटर की सुरक्षा तंत्र को धराशायी करता है। वायरस की पहली विशेषता यह होती है कि यह खुद को स्वयं फैलाने की क्षमता रखता है। जब आप किसी संक्रमित फ़ाइल, डिस्क, या इंटरनेट से इसे डाउनलोड करते हैं, तो यह वायरस आपके सिस्टम में प्रवेश कर सकता है।

एक बार सिस्टम में पहुंचने के बाद, वायरस अपने कार्य को शुरू करता है। यह संक्रमित सिस्टम के संरचना को पहचानता है और अपने कार्यों को शुरू करने के लिए उसकी संपादन करता है। वायरस विभिन्न तरीकों से कार्य कर सकता है, जैसे कि डेटा हड़पना, सिस्टम को बाधित करना, डेटा को नुकसान पहुंचाना या फिर आपके सिस्टम को नियंत्रित करना।

वायरस इसके बाद अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए अन्य फ़ाइल्स में अपने खुद की कॉपी बनाने लगता है, जिससे यह और फ़ाइलें भी संक्रमित हो जाती हैं। इस प्रकार, वायरस अपने प्रसार का कार्य करता है और और अधिक संक्रमण फैलाता जाता है।

संक्रमण के बाद, वायरस सिस्टम के संदर्भ में अपने कार्य को संपादित करता है और जब भी उपयोगकर्ता सिस्टम को चालू करता है, तो वायरस अपना कार्य शुरू करता है और सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।

4) कंप्यूटर वायरस के प्रभाव-

वायरस कंप्यूटर और उसके उपयोगकर्ताओं पर कई प्रकार के प्रभाव डाल सकते हैं। ये वायरस संबंधित फ़ाइलों, प्रोग्रामों, या सिस्टम के साथ जुड़ सकते हैं और इन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ वायरस डेटा को नष्ट कर सकते हैं, कुछ तकनीकी सिस्टमों को ध्वस्त कर सकते हैं, और कुछ चोरी की जाने वाली जानकारी को उड़ा सकते हैं। इनके प्रभाव को हल करने में समय और धन की बहुत ही बड़ी खोज होती है।

5) कंप्यूटर वायरस के प्रकार-

कंप्यूटर वायरस कई प्रकार के होते हैं, जो अलग-अलग तरीके से कार्य करते हैं और वायरस के उत्पादकों द्वारा उनके उद्देश्य के अनुसार बनाए जाते हैं।

  1. ट्रोजन होर्स (Trojan Horse)- यह वायरस एक तरह का मानव संवाद रूप होता है जो दिखावा करता है कि वह कोई उपयोगी सॉफ़्टवेयर है, लेकिन वास्तव में जब आप इसे चलाते हैं, तो यह आपके सिस्टम में प्रवेश करता है और उसे संक्रमित करता है।
  2. वर्म (Worms)- ये वायरस अपने आप को फ़ाइलों और सिस्टम में कॉपी करते रहते हैं और खुद को संक्रमित सिस्टम में फैलाते रहते हैं।
  3. स्पाईवेयर (Spyware)- यह वायरस गुप्त रूप से आपकी गतिविधियों को ट्रैक करता है और इस जानकारी का दुरुपयोग करके आपकी निजी जानकारी को चोरी कर सकता है।
  4. रूटकिट्स (Rootkits)- ये वायरस आपके सिस्टम में छुपे रहते हैं और सुरक्षा सॉफ़्टवेयर को छुपाने के लिए डिजाइन किए गए होते हैं, ताकि आपको उन्हें पहचानना मुश्किल होता है।
  5. रैनसमवेयर (Ransomware)- यह वायरस आपके सिस्टम को संक्रमित करता है और फिर आपसे रिश्वत लेने के लिए आपकी फ़ाइलों को लॉक कर देता है, जिसे आप खोलने के लिए आपसे धन की मांग करता है।

6) कंप्यूटर वायरस के नुकसान-

कंप्यूटर वायरस एक बड़ी समस्या होती है जो आपके कंप्यूटर और डेटा को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है। इन वायरसों के कई नुकसान हो सकते हैं:

  1. डेटा की नुकसान- ये वायरस आपके कंप्यूटर में संग्रहित डेटा को नष्ट कर सकते हैं, जिससे आपकी फाइलें, डॉक्यूमेंट्स, तस्वीरें या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी खो सकती हैं।
  2. सिस्टम का नुकसान- कुछ वायरस सिस्टम के कामकाजी सामर्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे सिस्टम धीमा हो सकता है, कुछ फ़ंक्शन काम नहीं करते या सिस्टम को ठीक से चलाने में परेशानी हो सकती है।
  3. निजी जानकारी की चोरी- कुछ वायरस आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं, जैसे कि आपके बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, या अन्य व्यक्तिगत जानकारी, जिससे ऑनलाइन सुरक्षा का खतरा बढ़ सकता है।
  4. स्थायी हानि- कुछ खतरनाक वायरस सिस्टम में स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिसे ठीक करना मुश्किल होता है और आपको नया सिस्टम या डेटा की खोई जानकारी प्राप्त करने की जरूरत हो सकती है।

7) कंप्यूटर वायरसों से बचाव-

कंप्यूटर वायरसों से बचाव के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण तरीके हैं-

  1. अच्छी सुरक्षा सॉफ़्टवेयर का उपयोग- एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर और अन्य सुरक्षा सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करें। यह सॉफ़्टवेयर वायरसों को पहचानकर हटाने में मदद करता है।
  2. सतर्कता और समझदारी- अनजाने या संदिग्ध ईमेल, वेबसाइट्स, या डाउनलोड्स से बचें। आपको संदिग्ध लगने वाले लिंक्स या फ़ाइल्स को खोलने से पहले सतर्क रहना चाहिए।
  3. सिस्टम अपडेट्स- कंप्यूटर और सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें। नवीनतम सुरक्षा पैच और अपडेट्स आपको वायरसों से बचाव में मदद कर सकते हैं।
  4. बैकअप बनाएं- महत्त्वपूर्ण डेटा का नियमित बैकअप बनाएं। यदि किसी वायरस संक्रमण का सामना हो, तो बैकअप से डेटा को बहाल किया जा सकता है।
  5. जागरूकता बढ़ाएं- अपनी और अन्य उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा सम्बंधित सचेत करें। सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और जानकारी साझा करना महत्त्वपूर्ण है।

8) कंप्यूटर में वायरस की जाँच कैसे करे-

कंप्यूटर में वायरस की जाँच करने के लिए निम्नलिखित तरीके हैं-

  • एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर चलाएं- एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर को अपने कंप्यूटर में चलाएं और उसे नियमित रूप से Updates करें। यह सॉफ़्टवेयर वायरसों को पहचानकर हटाने में मदद करता है।
  • स्कैन करें- अपने एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर के माध्यम से कंप्यूटर को स्कैन करें। स्कैनिंग प्रक्रिया में, सॉफ़्टवेयर वायरसों को खोजेगा और हटाने की कोशिश करेगा।
  • नियमित Updates करें- अपने सिस्टम और सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से Updates करें। नवीनतम सुरक्षा पैच और अपडेट्स वायरसों से बचाव में मदद कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन स्कैन का उपयोग करें- कुछ एंटीवायरस कंपनियां ऑनलाइन स्कैन की सुविधा प्रदान करती हैं। आप उनकी वेबसाइट पर जा कर अपने कंप्यूटर को ऑनलाइन स्कैन कर सकते हैं।
  • संदिग्ध फ़ाइलों से बचें- अनजाने या संदिग्ध ईमेल, वेबसाइट्स, या डाउनलोड्स से बचें। संदिग्ध लगने वाले लिंक्स या फ़ाइल्स को खोलने से पहले सतर्क रहें।

9) कंप्यूटर में वायरस आ जाये तो क्या करे-

यदि किसी कंप्यूटर में वायरस आ जाए तो निम्नलिखित कदम उठाएं-

  • एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर चलाएं- सबसे पहले, अपने कंप्यूटर में एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर को चलाएं और सिस्टम को स्कैन करें। यह सॉफ़्टवेयर वायरस को पहचानकर हटाने में मदद कर सकता है।
  • स्कैन करें- सॉफ़्टवेयर के माध्यम से कंप्यूटर को गहराई से स्कैन करें। जितनी जल्दी हो सके, वायरसों को पहचानकर हटा दें।
  • सिस्टम Updates करें- अपने सिस्टम और सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से Updates करें। नवीनतम सुरक्षा पैच और अपडेट्स वायरसों को हटाने में मदद कर सकते हैं।
  • सुरक्षा फाइलें पुनर्प्राप्त करें- अगर वायरस ने आपकी फ़ाइलों को क्षति पहुंचाई है, तो आप बैकअप फ़ाइलें प्राप्त कर सकते हैं।
  • Professional सहायता लें- यदि आपको वायरस हटाने में समस्या आ रही है, तो Professional तकनीशियन या कंप्यूटर सेवा प्रदाता से सहायता लें।

10) कंप्यूटर वायरस के लिए बेस्ट एंटीवायरस-

कंप्यूटर वायरस के खिलाफ बेस्ट एंटीवायरस का चयन करने के लिए कुछ प्रमुख विकल्प हैं-

  • कैस्परस्की- यह एक प्रमुख एंटीवायरस है जिसे उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए बड़ी माना जाता है। इसकी ताकतवर सुरक्षा फ़ीचर्स और वायरसों के खिलाफ अच्छा बचाव है।
  • मकाफ़ी- एक और प्रमुख एंटीवायरस है जिसमें अच्छी माने जाने वाली बाधा प्रणाली और सुरक्षा फ़ीचर्स होते हैं। यह एक्स्ट्रा सुरक्षा लेयर्स भी प्रदान करता है।
  • अवस्तित्वा- यह भी एक प्रमुख एंटीवायरस है जिसमें बड़ी सुरक्षा फ़ीचर्स होते हैं। यह बहुत से प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए उपलब्ध है और विभिन्न विशेषताओं के साथ आता है।
  • बिटडेफेंडर- यह भी एक प्रमुख विकल्प है जिसमें अच्छी सुरक्षा तंत्र होता है। इसकी ताकतवर वायरस डिटेक्शन और ब्लॉकिंग क्षमता होती है।

निष्कर्ष-

कम्प्यूटर वायरस क्या है- कंप्यूटर वायरस आजकल साइबर सुरक्षा की एक महत्त्वपूर्ण समस्या बन गए हैं। इसलिए, सावधानी और अच्छे सुरक्षा उपायों का पालन करना आवश्यक है ताकि हम अपने कंप्यूटर सिस्टम और जानकारी को सुरक्षित रख सकें।

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