12 के बाद IAS की तैयारी कैसे करे | 12 Ke Baad IAS Ki Taiyari Kaise Kare

IAS की परीक्षा भारतीय सिविल सेवा की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल हजारों उम्मीदवार भाग लेते हैं। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत और योग्यता की आवश्यकता होती है। बहुत से छात्र पाठ्यक्रम के पूरा होने के बाद इस परीक्षा की तैयारी शुरू करते हैं, लेकिन कुछ छात्र जो अपने स्नातक के पढ़ाई के साथ-साथ IAS की तैयारी करना चाहते हैं, उनके लिए यह निर्देशिका महत्वपूर्ण है। इस आर्टिकल में हम 12 Ke Baad IAS Ki Taiyari Kaise Kare इसके बारे में पूरी जानकारी प्रदान करेंगे।

IAS क्या है-

IAS, यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service) एक भारतीय सिविल सेवा है जिसमें सबसे उच्च स्तर के प्रशासनिक पदों पर काम करने के लिए चयनित अधिकारी शामिल होते हैं। IAS एक बहुत ही महत्वपूर्ण और अधिक आकर्षक सिविल सेवा है जिसमें अधिकारी सरकार की नीतियों को लागू करते हैं और विभिन्न स्तरों पर विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं।

IAS की तैयारी के लिए व्यक्ति एक अग्रणी प्रशासनिक सेवा में चयनित होने का सपना देखता है। IAS अधिकारी सरकारी प्रक्रियाओं, नीतियों, और कानूनी प्रणालियों के प्रबंधन में शोध और विकास में शामिल होते हैं और उन्हें अपने क्षेत्रों में नेतृत्व और निर्देशन का दायित्व होता है।

IAS परीक्षा, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित की जाती है, और इसमें संघीय सरकार, राज्य सरकारों, और केंद्रीय सरकारों के विभिन्न विभागों में नौकरी के लिए उम्मीदवारों को चयन करने का कार्य होता है। IAS के अधिकारी अपनी सेवा के दौरान समाज के साथ सीधे संबंध बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं और उन्हें राज्य और सार्वजनिक सेवाओं में अपनी सेवाएं देने का अवसर मिलता है।

12 Ke Baad IAS Ki Taiyari Kaise Kare

IAS की परीक्षा क्या है-

IAS परीक्षा, भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS (Indian Administrative Service) की भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली एक प्रतियोगी परीक्षा है। यह परीक्षा भारत सरकार द्वारा आयोजित की जाती है और उत्तर प्रदेशसे लेकर महाराष्ट्र तक के विभिन्न राज्यों के लिए पदों की भर्ती के लिए होती है।

IAS परीक्षा में सामान्य अध्ययन, सामाजिक विज्ञान, भारतीय इतिहास, भूगोल, भारतीय राजनीति, भारतीय अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान, राजनीतिशास्त्र, और सामाजिक अध्ययन के क्षेत्रों में प्रश्न पूछे जाते हैं। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद, उम्मीदवार IAS अधिकारी के पद के लिए चयनित होते हैं, जो कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होता है।

IAS के लिए योग्यता-

IAS के लिए योग्यता कुछ विशेष मानदंडों पर आधारित होती है। निम्नलिखित हैं IAS की योग्यता के मुख्य मानदंड:

  • नागरिकता- उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • आयु सीमा- IAS की परीक्षा के लिए उम्मीदवार की आयु कम से कम 21 वर्ष और अधिक से अधिक 32 वर्ष होनी चाहिए। आयु में छूट विभिन्न श्रेणियों के लिए उपलब्ध होती है।
  • शिक्षा- उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि होनी चाहिए। विशेष श्रेणियों के लिए शिक्षा में छूट भी दी जाती है।
  • परीक्षा- उम्मीदवार को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित IAS परीक्षा में सफलता प्राप्त करनी होती है।
  • प्रयासों की सीमा- उम्मीदवार की अधिकतम सीमा छह प्रयासों तक होती है, यह अंश आयुमिति के अनुसार बदल सकता है। लेकिन आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों के लिए इसमें कोई सीमा नहीं है।
  • अन्य- उम्मीदवार को भारतीय ग्राहकों के लिए अपेक्षित शारीरिक और मानसिक स्थिरता होनी चाहिए।

IAS का परीक्षा पैटर्न-

IAS (Indian Administrative Service) परीक्षा का पैटर्न तीन चरणों में आयोजित किया जाता है: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, और साक्षात्कार

1. प्रारंभिक परीक्षा-

  • प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आयोजित होता है जिसमें सामान्य अध्ययन और सामान्य अवधारणा के प्रश्न होते हैं।
  • प्रारंभिक परीक्षा चार से पाँच विषयों में होती है: सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, और भारतीय भाषाओं में अनुक्रमणिका और अंग्रेजी भाषा की वस्तुनिष्ठ परीक्षा।
  • इस परीक्षा में प्रश्न प्रायः वस्तुनिष्ठ होते हैं और अंकित होते हैं।

2. मुख्य परीक्षा-

  • मुख्य परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होती है जो प्रारंभिक परीक्षा को पास कर चुके होते हैं।
  • मुख्य परीक्षा में नौ पेपर होते हैं, जिनमें विभिन्न विषयों के प्रश्न होते हैं जैसे कि सामान्य हिन्दी, निबंध, सामान्य अध्ययन, भारतीय भाषा, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और तकनीकी विषय आदि।
  • मुख्य परीक्षा के पेपर समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों को व्यक्तित्व साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।

3. साक्षात्कार (Interview)-

  • साक्षात्कार उन उम्मीदवारों के साथ किया जाता है जो मुख्य परीक्षा को पास करते हैं।
  • इसमें उम्मीदवारों के व्यक्तित्व, ज्ञान, सामाजिक और आर्थिक विचारधारा, और सामान्य बौद्धिक क्षमता की जांच की जाती है।
  • इस साक्षात्कार के आधार पर अंततः उम्मीदवारों को IAS में चयनित किया जाता है।

12 Ke Baad IAS Ki Taiyari Kaise Kare

1. पाठ्यक्रम का अध्ययन-

IAS की परीक्षा में सफलता पाने के लिए, पहले से ही आपको पाठ्यक्रम की अच्छी तरह से समझना और अध्ययन करना आवश्यक होता है। 12वीं के बाद, आपको परीक्षा के पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से समझना चाहिए और उसके अनुसार अध्ययन करना चाहिए। ध्यान दें कि पाठ्यक्रम बहुत व्यापक होता है, इसलिए ध्यानपूर्वक पढ़ाई की जरूरत होती है।

2. सही योजना बनाएं-

IAS की तैयारी के लिए एक सही योजना बनाना बहुत महत्वपूर्ण होता है। 12वीं कक्षा के बाद, छात्रों को इसकी तैयारी शुरू करने के लिए एक व्यावस्थित योजना तैयार करनी चाहिए। यह योजना समय के प्रयोग, पाठ्यक्रम का संरचना और आत्म-समर्थन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई जानी चाहिए।

3. समय प्रबंधन-

परीक्षा की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण चीज है समय का प्रबंधन। 12वीं के बाद IAS की तैयारी करने के लिए, आपको अपने समय को ठीक से नियंत्रित करना होगा। यह आपको नियमित रूप से पढ़ाई करने में मदद करेगा और आपको अपने लक्ष्य की दिशा में एकाग्र करेगा।

4. प्राथमिकताओं को स्पष्ट करें-

IAS की तैयारी के दौरान, छात्रों को अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि उनका उद्देश्य क्या है और उन्हें अपने सपनो तक कैसे पहुंचना है।

5. स्वाध्याय-

स्वाध्याय या आत्म-अध्ययन एक महत्वपूर्ण क्रिया है जो व्यक्ति को ज्ञान और सूचनाओं को स्वयं अध्ययन करने की क्षमता प्रदान करती है। इसके द्वारा व्यक्ति अपने बौद्धिक संसाधनों को विकसित करता है और अपनी शिक्षा में सुधार करता है। स्वाध्याय व्यक्ति को स्वतंत्रता और स्वाधीनता की भावना प्रदान करता है, जो उसे अपने विचारों को स्वतंत्रता से व्यक्त करने में सहायक होता है। यह एक सामान्य रूप से शिक्षा का हिस्सा है और जीवन भरी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण अंग है।

6. आधारित अध्ययन-

आधारित अध्ययन का मतलब होता है किसी विषय को मूल्यांकन करने के लिए प्रमुख स्रोतों और प्रमुख तथ्यों पर आधारित अध्ययन करना। इसमें आपको संबंधित पुस्तकों, अनुसंधान लेखों, आधिकारिक रिपोर्टों, और अन्य सत्यपित स्रोतों से विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किए गए जानकारी का उपयोग करना होता है।

यह एक प्रामाणिक और संशोधित अध्ययन प्रक्रिया होती है जो आपको विषय के विशेषताओं, निर्माण, और परिणामों को समझने में मदद करती है। आधारित अध्ययन से आप एक विषय को गहराई से समझ सकते हैं और समर्थन दिया जाने वाले तथ्यों के माध्यम से अपने विचार को समर्थन कर सकते हैं।

7. नियमित अभ्यास-

नियमित अभ्यास बहुत महत्वपूर्ण है। यह छात्रों को परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद करता है और उन्हें स्वयं को परीक्षा की तरह से तैयार करने में सहायक होता है। नियमित अभ्यास करने से हमारे दिमाग और शारीरिक क्षमताएँ मजबूत होती हैं, हमारी ध्यान क्षमता बढ़ती है, और हमारी कार्य क्षमता में सुधार होता है। यह हमें अपने लक्ष्य की दिशा में एक स्थिर प्रगति का मार्ग प्रदान करता है और हमें अपनी सफलता की दिशा में समर्थ बनाता है।

8. प्रैक्टिस पेपर्स-

प्रैक्टिस पेपर्स आईएएस की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये पेपर्स आपको परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों की समझ में मदद करते हैं, साथ ही समय प्रबंधन कौशल में सुधार करते हैं। प्रैक्टिस पेपर्स की मदद से आप अपनी प्रतिभा को परीक्षा के अनुकूल बना सकते हैं और अधिक स्वतंत्रता के साथ परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

9. आत्म-मोटिवेशन-

IAS की तैयारी के दौरान, छात्रों को आत्म-मोटिवेशन बनाए रखना चाहिए। वे स्वयं को सकारात्मक और सक्रिय रखें, ताकि उन्हें हमेशा अग्रसर बना रहने का साहस मिले। आत्म-मोटिवेशन व्यक्ति के आत्मविश्वास और संघर्ष क्षमता को बढ़ाती है और उसे अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है। यह उसे निरंतर प्रयास के लिए प्रोत्साहित करती है और उसकी उत्कृष्टता की ओर ले जाती है।

10. सहायक पुस्तकें-

सहायक पुस्तकें आईएएस की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये पुस्तकें आपको परीक्षा की तैयारी में मदद करती हैं, और आपको सही दिशा और उपायों की दिशा में गाइड करती हैं। इन पुस्तकों में प्रमुख विषयों को विस्तार से समझाया जाता है, परीक्षा पैटर्न और प्रश्न प्रकार के बारे में जानकारी दी जाती है, और अध्ययन करने के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों को प्रदान किया जाता है। ये पुस्तकें आपको स्वयंशिक अध्ययन के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में मदद करती हैं।

11. मानसिक स्वास्थ्य-

IAS की तैयारी के दौरान, छात्रों को अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। वे नियमित व्यायाम करें, ध्यान का प्रयोग करें, और समय-समय पर आराम करें। मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के मानसिक और आत्मिक कुशलता और संतुलन को संकेत करता है। यह उसकी भावनात्मक स्थिति, मानसिक समर्थता, और उसके व्यक्तिगत जीवन में संतुलन को समझने की क्षमता को दर्शाता है।

12. समझौता न करें-

IAS की तैयारी में सफलता प्राप्त करने के लिए, छात्रों को किसी भी प्रकार के समझौते की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्हें हमेशा मेहनत करते रहना चाहिए और अपने उद्देश्य की दिशा में अग्रसर रहना चाहोये।

जब आप समझौता करते हैं, तो आप अपने लक्ष्य की दिशा में प्रगति को रोक देते हैं। यह आपकी संजीवनी ऊर्जा को कम करता है और आपको अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ने से रोकता है। इसलिए, समझौता करने की बजाय, अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी कोशिश करें और हर मुश्किल को परिघात करें। आपकी संघर्ष और मेहनत आपको सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचा सकती है।

13. सकारात्मक बनें-

IAS की तैयारी के दौरान, छात्रों को सकारात्मक रहना चाहिए। वे अपने आप को समझें, अपनी क्षमताओं पर विश्वास करें, और हमेशा आगे बढ़ने का उत्साह रखें। सकारात्मक सोच हमें संघर्ष की कठिनाइयों को पार करने में मदद करती है और हमें उत्साहित करती है कि हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। इसलिए, सकारात्मक बनें और हर परिस्थिति को स्वीकारें, और जीवन को खुशियों से भर दें।

14. सामग्री का चयन-

IAS की परीक्षा की तैयारी करते समय, सामग्री का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। आपको विभिन्न स्रोतों से पुस्तकें, नोट्स, और अन्य साधनों का सही चयन करना चाहिए ताकि आपकी तैयारी में सहायता हो सके। सामग्री को ऐसे चुनें जो आपकी जरूरतों को पूरा करती हो और आपकी तैयारी को मजबूत बनाती हो।

15. स्वयं को प्रोत्साहित करें-

IAS की परीक्षा की तैयारी में अक्सर असफलता का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन आपको अपने आप को हार नहीं मानना चाहिए। आपको हमेशा सकारात्मक बने रहना चाहिए और अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होना चाहिए।

निष्कर्ष-

12 के बाद IAS की तैयारी शुरू करना एक बड़ा कदम हो सकता है, लेकिन यह संभव है। छात्रों को मेहनत, निरंतरता, और सही दिशा में प्रेरित होने की आवश्यकता होती है। उम्मीद है कि यह लेख आपको 12वीं के बाद IAS की तैयारी में मदद करेगा और आप अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल होंगे।

FAQs

1. क्या 12वीं के बाद IAS की तैयारी शुरू करना संभव है?

हाँ, बिल्कुल। यदि आपके पास सही योजना और संसाधन हैं, तो आप 12वीं के बाद IAS की तैयारी शुरू कर सकते हैं।

2. क्या IAS परीक्षा में सफलता के लिए कितने समय की तैयारी की जानी चाहिए?

IAS परीक्षा में सफलता के लिए समय की कोई निश्चित सीमा नहीं है, लेकिन सामान्यत: लोग दो-तीन साल की तैयारी करते हैं।

3. क्या IAS की तैयारी के लिए कोचिंग आवश्यक है?

नहीं, कोचिंग का अभाव भी सफलता के लिए कारगर हो सकता है, लेकिन सही संसाधनों और स्वयं-अध्ययन के साथ, आप बिना कोचिंग के भी तैयारी कर सकते हैं।

4. क्या IAS की तैयारी के लिए कितने समय की तैयारी रोजगार के साथ मिलाकर की जा सकती है?

हाँ, आप अपने रोजगार के साथ IAS की तैयारी कर सकते हैं, लेकिन यह समय की अच्छी प्रबंधन की मांग करता है।

5. क्या IAS परीक्षा में परिणाम के लिए उम्मीदवारों की उम्र की कोई सीमा होती है?

नहीं, IAS परीक्षा में किसी भी उम्र के व्यक्ति प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं, लेकिन सामान्यत: 21 से 32 वर्ष के बीच के व्यक्ति होते हैं।

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