DigiLocker kya hai | डिजिलॉकर क्या है और इसका उपयोग कैसे करे

आधुनिक युग में तकनीकी विकास ने हमारे जीवन को सरल बना दिया है। जहां हमारी रोजमर्रा की गतिविधियों में संभावनाएं बढ़ गई हैं, वहीं सरकारी कामकाज और दस्तावेजों की प्रणाली में भी बदलाव आया है। इस नयी डिजिटल युग में भारत सरकार ने ‘डिजिलॉकर’ को एक ऐसा उपाय माना है, जिससे लोग अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रख सकते हैं और उन्हें आसानी से एक ही स्थान से प्राप्त कर सकते हैं। इस लेख में, हम DigiLocker kya hai इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।

1) डिजिलॉकर का मतलब-

डिजिलॉकर एक भारतीय सरकारी पहल है जो ई-डॉक्यूमेंट्स को सुरक्षित रखने और साझा करने के लिए बनाई गई एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह वेबसाइट और मोबाइल ऐप के रूप में उपलब्ध है जिसका उद्देश्य नागरिकों को उनके आधिकारिक दस्तावेजों को अपने डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने में मदद करना है।

DigiLocker kya hai

2) डिजिलॉकर क्या है? (DigiLocker kya hai)-

डिजिलॉकर (DigiLocker) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक आधुनिक और इनोवेटिव पहल है जो लोगों को उनकी महत्त्वपूर्ण दस्तावेजों और सरकारी दस्तावेजों को इंटरनेट के माध्यम से सुरक्षित तरीके से स्टोर और एक्सेस करने की सुविधा प्रदान करता है। यह एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जो लोगों को उनकी पहचान प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, शिक्षा और कार्यक्रम प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को एक सुरक्षित इंटरनेट रिपॉजिटरी में स्टोर करने की सुविधा प्रदान करता है।

डिजिलॉकर का मुख्य उद्देश्य लोगों को दस्तावेजों को पेपरलेस बनाने की प्रोसेस में सहायता करना है। इससे न केवल पेपर की बर्बादी को कम किया जा सकता है, बल्कि यह व्यक्तिगत और सरकारी दस्तावेजों के लिए एक सुरक्षित और सुरक्षित स्टोरेज भी प्रदान करता है।

इस पोर्टल का उपयोग भारतीय सरकारी नीतियों के अनुसार होता है जो नागरिकों को उनकी सरकारी दस्तावेजों को बारीकी से सुरक्षित रखने की सुविधा प्रदान करता है। इसमें नागरिक अपनी खुद की इमेज और स्थिति को निगरानी कर सकते हैं और वे अपने डिजिटल दस्तावेजों को किसी भी समय और कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं।

3) डिजिलॉकर कैसे काम करता है?

डिजिलॉकर का उपयोग करना अत्यंत सरल है। भारतीय नागरिक अपने आधार कार्ड या मोबाइल नंबर के साथ डिजिलॉकर प्लेटफ़ॉर्म पर रजिस्टर कर सकते हैं। एक बार पंजीकृत होने के बाद, उन्हें उनके दस्तावेज़ों को अपलोड करने की सुविधा प्राप्त होती है।

डिजिलॉकर के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने दस्तावेज़ों को विभिन्न फ़ॉर्मेट्स में अपलोड कर सकते हैं, जैसे कि पीडीएफ या जेपीजी। इसके बाद, वे अपने दस्तावेज़ों को अपनी पसंदीदा सोशल मीडिया या ईमेल के माध्यम से साझा भी कर सकते हैं।

4) डिजिलॉकर में क्या-क्या दस्तावेज स्टोर किए जा सकते हैं?

डिजिलॉकर में नागरिक विभिन्न प्रकार के आधिकारिक दस्तावेज स्टोर कर सकते हैं। यहां कुछ मुख्य दस्तावेजों की सूची है-

  1. आधार कार्ड
  2. पैन कार्ड
  3. गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
  4. शिक्षा से संबंधित प्रमाणपत्र (10वीं/12वीं का मार्कशीट, डिप्लोमा, डिग्री आदि)
  5. पासपोर्ट
  6. वोटर आईडी कार्ड
  7. निवास प्रमाणपत्र
  8. जन्म प्रमाणपत्र
  9. बैंक संबंधित दस्तावेज (पासबुक, बैंक स्टेटमेंट, लोन संबंधित दस्तावेज)
  10. रोजगार संबंधित दस्तावेज (नौकरी का पत्र, अनुभव प्रमाणपत्र)

यह सिर्फ कुछ उदाहरण हैं, और डिजिलॉकर में अन्य भी दस्तावेज जैसे कि विभिन्न सरकारी प्रमाणपत्र, बीमा पॉलिसी, पेंशन संबंधित दस्तावेज आदि स्टोर किए जा सकते हैं।

5) डिजीलॉकर के फायदे-

डिजीलॉकर के इस्तेमाल से कई फायदे होते हैं। यहां कुछ मुख्य फायदे हैं जो इस प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने से होते हैं-

  1. सुरक्षा– डिजीलॉकर एक सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म है जो आपके दस्तावेजों को ईमानदारी से स्टोर करता है। यह डेटा एन्क्रिप्टेड फॉर्म में स्टोर करता है जो कि आपकी जानकारी की सुरक्षा को बढ़ावा देता है।
  2. ई-साक्षात्कार– कई सरकारी सेवाओं में, आपको अपने प्रमाणपत्रों की जरूरत होती है। डिजीलॉकर में अपने दस्तावेजों को इंटरनेट पर स्टोर करके आप उन्हें ई-साक्षात्कार के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
  3. पेपरलेस- डिजीलॉकर के माध्यम से आप पेपर की जगह डिजिटल दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पेपर की बर्बादी को कम किया जा सकता है और पर्यावरण को बचाने में मदद मिलती है।
  4. सुविधा- डिजीलॉकर से आप कहीं से भी अपने दस्तावेजों को एक्सेस कर सकते हैं, चाहे वह आपके मोबाइल फोन से हो या कंप्यूटर से। इससे आपको कहीं जाकर अपने दस्तावेजों को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ती।
  5. सरकारी सेवाओं का उपयोग- डिजीलॉकर को सरकारी सेवाओं में आधारित किया गया है, जिससे लोगों को आसानी से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल सकता है।

6) डिजिलॉकर का उपयोग कैसे करें-

डिजिलॉकर का उपयोग करना अत्यंत सरल है। नीचे दिए गए कदमों का पालन करके आप डिजिलॉकर पोर्टल में अपने दस्तावेजों को स्टोर कर सकते हैं-

  1. रजिस्ट्रेशन- सबसे पहले, डिजिलॉकर पोर्टल पर जाकर अपना खाता बनाएं। आपको आधार कार्ड संख्या और अन्य जरूरी जानकारी प्रदान करनी होगी।
  2. दस्तावेजों को अपलोड करें- खाता बनाने के बाद, आप अपने आधिकारिक दस्तावेजों को स्कैन करके या फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं।
  3. दस्तावेजों की एकत्रीकरण- जब आपके दस्तावेज अपलोड हो जाएं, तो आप उन्हें विभागीय रूप से ऑर्गनाइज़ कर सकते हैं, ताकि वे आपको आसानी से मिल सकें।
  4. दस्तावेजों का एक्सेस- जब भी आपको अपने दस्तावेजों की जरूरत होती है, आप डिजिलॉकर पोर्टल में लॉग इन करके उन्हें देख सकते हैं और उन्हें डाउनलोड भी कर सकते हैं।

7) डिजिलॉकर की खासियत-

डिजिलॉकर एक ऐसा आधुनिक और उपयोगी प्लेटफ़ॉर्म है जो नागरिकों को विभिन्न खासियतों के माध्यम से प्राप्त होता है। इसमें कुछ मुख्य खासियतें हैं:

  1. डिजिटल सुरक्षा- डिजिलॉकर नागरिकों के दस्तावेजों को विशेष ध्यान से सुरक्षित रखता है, जिससे उन्हें डिजिटल हमलों से बचाया जा सकता है।
  2. एकत्रीकरण- इसमें नागरिक अपने सभी आधिकारिक दस्तावेजों को एक ही स्थान पर एकत्रित कर सकते हैं, जो उनको सुरक्षित रूप से रखता है और उनका प्रबंधन करने में सहायता करता है।
  3. सुविधाजनक एक्सेस- नागरिक अपने डिजिटल दस्तावेजों को कहीं से भी और किसी भी समय आसानी से एक्सेस कर सकते हैं, जिससे उन्हें अपनी आवश्यकतानुसार इन्हें उपयोग में लाने में मदद मिलती है।
  4. पेपरलेस विकल्प- डिजिलॉकर पेपर लेस सोल्यूशन के रूप में काम करता है, जिससे पेपर की बर्बादी को कम करने में मदद मिलती है और पर्यावरण के प्रति भी दायित्व बढ़ाता है।
  5. सरकारी सुविधाओं का एकीकरण- इससे सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने में सुविधा होती है, क्योंकि उन्हें अपने आवश्यक दस्तावेजों को आसानी से साझा करने की सुविधा मिलती है।

8) सरकारी योजनाओं में डिजिलॉकर का उपयोग-

डिजिलॉकर ने सरकारी योजनाओं में भी अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विभिन्न सरकारी योजनाओं में शामिल होने वाले नागरिकों को आवश्यक दस्तावेजों को अपने डिजिलॉकर अकाउंट में अपलोड करने की सलाह दी जाती है। इससे वे ऑनलाइन तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर अपने दस्तावेजों को प्रस्तुत कर सकते हैं।

9) डिजिलॉकर की जरूरत-

डिजिलॉकर की जरूरत भारतीय समाज में व्यापक रूप से महत्त्वपूर्ण है। इसकी आवश्यकता कुछ मुख्य कारणों से होती है:

  • डिजिटलीकरण की आवश्यकता- वर्तमान युग में डिजिटलीकरण का दौर है। सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में संग्रहित करना आवश्यक है ताकि नागरिकों को अधिक सुविधाएं मिल सकें।
  • सुरक्षा और गोपनीयता- डिजिलॉकर नागरिकों के दस्तावेजों की सुरक्षा और गोपनीयता को सुनिश्चित करता है, जिससे डेटा को हमलों से बचाया जा सकता है।
  • सरलता और सुविधा- यह नागरिकों को अपने दस्तावेजों को एक स्थान पर एकत्रित करने और उन्हें आसानी से एक्सेस करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • पेपरलेस सोल्यूशन- इससे पेपर की बर्बादी को कम किया जा सकता है और पर्यावरण को बचाने में मदद मिलती है।
  • सरकारी प्रक्रियाओं में सुधार- डिजिलॉकर सरकारी प्रक्रियाओं को सुधारने में मदद करता है, जिससे दस्तावेजों का संग्रहण और प्रबंधन सुगम होता है।

10) डिजीलॉकर की सुरक्षा उपाय-

डिजीलॉकर की सुरक्षा में कई उपाय होते हैं जो नागरिकों के दस्तावेजों को सुरक्षित बनाए रखते हैं-

  • एनक्रिप्शन- डिजीलॉकर डेटा को एनक्रिप्ट करता है, जिससे उसे अनधिकृत उपयोग से बचाता है।
  • मलवेयर और वायरस संरक्षण- सुरक्षा के लिए इसमें मलवेयर और वायरस स्कैनिंग की व्यवस्था होती है ताकि किसी भी संकेत पर उन्हें रोका जा सके।
  • दो चरणीय प्रमाणीकरण- नागरिकों के दस्तावेजों की पहचान के लिए डो चरणीय प्रमाणीकरण का इस्तेमाल होता है।
  • बायोमेट्रिक्स सुरक्षा- कुछ सरकारी दस्तावेज जैसे कि आधार कार्ड में बायोमेट्रिक्स सुरक्षा का इस्तेमाल किया जाता है जो नकलीकरण से बचाती है।
  • आईडी और पासवर्ड सुरक्षा- इसमें नागरिकों को उनके खाते में लॉग इन करने के लिए आईडी और पासवर्ड की सुरक्षा प्रदान की जाती है।
  • सुरक्षा संरक्षण- डिजीलॉकर में सुरक्षा संरक्षण उपायों का अनुसरण किया जाता है ताकि नागरिकों के दस्तावेज सुरक्षित रहें।

निष्कर्ष-

DigiLocker kya hai- डिजिलॉकर भारत में डिजिटल दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह एक उपयोगी और आधुनिक तरीका है जिससे नागरिक अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रख सकते हैं और उन्हें आसानी से एक स्थान से प्राप्त कर सकते हैं। इसके उपयोग से व्यक्ति पेपरलेस तरीके से अपने दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सकते हैं और सरकारी योजनाओं का भी लाभ उठा सकते हैं।

FAQs

1. क्या डिजीलॉकर में सभी प्रकार के दस्तावेज़ अपलोड किए जा सकते हैं?

हां, डिजीलॉकर में आप विभिन्न प्रकार के दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं, जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, शिक्षा से जुड़े दस्तावेज़ इत्यादि।

2. क्या डिजीलॉकर इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

हाँ, डिजीलॉकर इस्तेमाल करना सुरक्षित है। यह दस्तावेजों की सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखता है और तकनीकी सुरक्षा के उपाय भी अपनाता है।

3. क्या डिजीलॉकर में दस्तावेज़ का प्रिंट आउट लिया जा सकता है?

हाँ, डिजीलॉकर में दस्तावेज़ का प्रिंट आउट लिया जा सकता है। यहाँ से नागरिक अपने जरूरत के अनुसार दस्तावेज़ को प्रिंट कर सकते हैं।

4. क्या डिजीलॉकर का ऐप उपलब्ध है?

हाँ, डिजीलॉकर का ऐप उपलब्ध है। यह नागरिकों को अपने फोन पर आसानी से इंस्टॉल करके उपयोग कर सकते हैं।

5. क्या डिजीलॉकर नेटवर्क कनेक्टिविटी की आवश्यकता होती है?

हाँ, डिजीलॉकर को इस्तेमाल करने के लिए नेटवर्क कनेक्टिविटी की आवश्यकता होती है। यह इंटरनेट से जुड़ा होता है ताकि नागरिक अपने दस्तावेज़ों को एक्सेस और संग्रहित कर सकें।

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