Operating system kya hai | ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है इसके प्रकार और कार्य

कंप्यूटर विज्ञान की दुनिया में, एक शक्तिशाली तत्व जो हर डिवाइस को निर्देशित करता है, वह होता है ‘ऑपरेटिंग सिस्टम’. यह सॉफ़्टवेयर का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है जो हर तकनीकी उपकरण को संचालित करने के लिए जरूरी होता है। आज के इस आर्टिकल में हम Operating system kya hai इसके बारे में डिटेल से जानेगे।

1) Operating system क्या है? (Operating system kya hai)-

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) एक सॉफ़्टवेयर होता है जो कंप्यूटर या किसी डिवाइस को चलाने और प्रबंधित करने के लिए बनाया गया है। यह एक माध्यम होता है जो हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, और उपयोगकर्ता के बीच संवाद स्थापित करता है। जैसे कि जब कोई उपयोगकर्ता किसी कंप्यूटर को चालू करता है, तो ऑपरेटिंग सिस्टम ही उसको स्वागत करता है और विभिन्न कार्यों के लिए तैयार हो जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य होता है हार्डवेयर को योग्यताओं के अनुसार प्रबंधित करना, जैसे कि CPU, मेमोरी, इनपुट-आउटपुट डिवाइसेस, आदि। इसके बिना, किसी भी कंप्यूटर या डिवाइस का कार्य करना संभव नहीं होता।

Operating system kya hai

2) Operating system का अर्थ-

‘ऑपरेटिंग सिस्टम’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘ऑपरेटिंग’ और ‘सिस्टम’। जहां ‘ऑपरेटिंग’ शब्द का अर्थ होता है किसी डिवाइस या सिस्टम को चलाना, तो ‘सिस्टम’ शब्द का अर्थ होता है एक संगठित तंत्र या व्यवस्था। इसी प्रकार, ऑपरेटिंग सिस्टम एक संगठित सॉफ़्टवेयर होता है जो किसी कंप्यूटर या उपकरण को चलाने और उसमें कार्य करने के लिए आवश्यक तंत्र होता है।

3) Operating system का इतिहास-

ऑपरेटिंग सिस्टम का इतिहास बहुत रोचक है और इसमें कई महत्त्वपूर्ण मोड़ समाहित हैं। पहले जब कंप्यूटर विकसित हो रहे थे, तो उन्हें प्रोग्राम करने के लिए मशीन कोड या मशीन भाषा में प्रोग्राम करना पड़ता था।

1950 के दशक में, वैशिष्ट्यवादी भाषा (assembly language) का विकास हुआ, जो मशीन कोड को समझने में सहायक था। इसके बाद, 1960 के दशक में ‘बैच प्रोसेसिंग’ का सिस्टम आया, जिसमें बहुत से प्रोग्राम्स को एक साथ चलाने की क्षमता थी। 1960 के मध्य में, ऑपरेटिंग सिस्टम का पहला व्यापक रूप में विकास हुआ, जो ‘टाइम-शेयरिंग’ को संभव बनाया। इससे कई उपयोगकर्ता एक साथ कंप्यूटर का उपयोग कर सकते थे।

फिर, 1980 के दशक में, प्रचलित ऑपरेटिंग सिस्टम बने, जैसे कि विंडोज, मैकओएस, और लिनक्स। विंडोज कंप्यूटरों के लिए माइक्रोसॉफ्ट द्वारा बनाया गया, मैकओएस एप्पल कंप्यूटर्स के लिए बनाया गया, और लिनक्स खुले स्रोत का एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जो समुदाय के सहयोग से विकसित होता है।

आजकल, ऑपरेटिंग सिस्टम न केवल कंप्यूटरों में होते हैं, बल्कि स्मार्टफोन्स, टैबलेट्स, सर्वर्स, व्यक्तिगत डिवाइसेस, और और भी कई तकनीकी उपकरणों में भी प्रयुक्त होते हैं।

4) Operating system के कार्य-

ऑपरेटिंग सिस्टम का कार्य विभिन्न प्रकार के होते हैं-

1. संसाधन प्रबंधन (Resource Management)-

यह सिस्टम हार्डवेयर संसाधनों को प्रबंधित करता है जैसे कि CPU, मेमोरी, स्टोरेज, इनपुट और आउटपुट डिवाइसेज़। यह सुनिश्चित करता है कि इन संसाधनों का सही ढंग से उपयोग होता है ताकि प्रोसेसेस को विशेष समय पर सम्पन्न किया जा सके।

2. प्रोसेस प्रबंधन (Process Management)-

ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोसेसेस को संचालित करता है, जो कंप्यूटर प्रोग्राम्स की प्रक्रियाओं को संचालित करते हैं। यह तय करता है कि किस प्रकार से प्रोसेसेस को क्रमबद्ध किया जाए, उन्हें मेमोरी में कैसे स्थानांतरित किया जाए, और कौन-कौन से प्रोसेसेस को कितना समय दिया जाए।

3. फाइल सिस्टम प्रबंधन (File System Management)-

फाइल सिस्टम प्रबंधन उपयोगकर्ताओं के डेटा को संग्रहित करने, संपादित करने, और उपयोग करने में सहायता करता है। यह सिस्टम फाइलों और फोल्डरों को अंतर्निहित तरीके से व्यवस्थित करता है ताकि उपयोगकर्ता आसानी से उन्हें पहचान सकें और उनका उपयोग कर सकें।

4. उपयोगकर्ता इंटरफेस (User Interface)-

यह सिस्टम उपयोगकर्ताओं को उपकरण का सही तरीके से प्रयोग करने में मदद करने के लिए इंटरफेस प्रदान करता है। इसमें ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) और कमांड लाइन इंटरफेस (CLI) शामिल हो सकते हैं।

5) प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम्स-

कई प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम हैं जो अलग-अलग प्रकार के उपयोगकर्ताओं और उपयोग के लिए बनाए गए हैं। यहां कुछ प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टमों का उल्लेख है-

1. Microsoft Windows-

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (Microsoft Windows) एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जो माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह एक प्रमुख और लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कंप्यूटरों को चलाने और उपयोग करने के लिए बनाया गया है। यह एक ग्राफिकल उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस प्रदान करता है जो उपयोगकर्ताओं को कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करने में मदद करता है।

विंडोज कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं को एक उपयोगकर्ता-स्थायी और आसान इंटरफेस प्रदान करता है जिससे उन्हें कंप्यूटर का उपयोग करने में सुविधा होती है। विंडोज कई संस्करणों में उपलब्ध है, जैसे कि विंडोज 11, विंडोज 10, विंडोज 8, विंडोज 7, विंडोज विस्टा, और इससे पहले के संस्करण।

2. macOS-

मैकओएस (macOS) एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जो एप्पल इंक द्वारा तैयार किया गया है। यह एप्पल कंप्यूटर्स और डिवाइसेस को चलाने के लिए बनाया गया है।

मैकओएस एक उपयोगकर्ता-स्थायी और शिक्षाप्रद इंटरफेस प्रदान करता है जो उपयोगकर्ताओं को एक आसान तरीके से कंप्यूटर का उपयोग करने की सुविधा प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को विभिन्न फीचर्स, ग्राफिक्स, और एप्प्स का आनंद लेने में मदद करता है।

3. Linux-

लिनक्स एक मुक्त और खुले स्रोत का ऑपरेटिंग सिस्टम है जो समुदाय के सहयोग से विकसित होता है। यह एक कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कई विभिन्न उपकरणों पर चलता है, जैसे कि कंप्यूटर, सर्वर, मोबाइल डिवाइसेस, और अन्य तकनीकी उपकरण।

लिनक्स का मुख्य विशेषता है कि यह खुले स्रोत में उपलब्ध है, जिसका अर्थ है कि इसका स्रोतकोड सभी को उपलब्ध होता है और इसे बदला जा सकता है। यह अनेक समुदायों द्वारा सम्पादित और सुधारा जा सकता है, जिससे इसकी सुरक्षा, स्थिरता, और प्रदर्शन में सुधार हो सकती है।

4. iOS और Android-

iOS और Android दो प्रमुख मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम हैं जो स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स में उपयोग होते हैं।

iOS एप्पल इंक द्वारा विकसित किया गया है और यह आईफोन, आईपैड और आईपॉड टच में इंस्टॉल होता है। यह एक उपयोगकर्ता-मित्र और सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम है जो अप्प्स स्टोर के माध्यम से विभिन्न एप्प्स और सेवाओं की विशाल विविधता प्रदान करता है।

Android गूगल द्वारा विकसित किया गया है और यह अनेक स्मार्टफोन और टैबलेट मॉडल्स में उपयोग होता है। यह भी एक उपयोगकर्ता-मित्र और विस्तृत एप्प्स की विविधता के साथ आता है। Android अप्प्स प्ले स्टोर के माध्यम से उपलब्ध होते हैं और इसमें अनेक विकल्प और सेवाएं होती हैं।

6) Operating system के प्रकार-

  • व्हाट आपरेटिंग सिस्टम (What-If Operating System)- यह प्रकार कंप्यूटर वैज्ञानिकों द्वारा उपयोग किया जाता है ताकि वे किसी नए कंप्यूटर की कार्यक्षमता का अनुमान लगा सकें।
  • सिंगल यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Single-User Operating System)- इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक ही उपयोगकर्ता एक समय में काम कर सकता है।
  • मल्टी-यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi-User Operating System)- इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक उपयोगकर्ता एक समय में काम कर सकते हैं।
  • सिंगल टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Single-Tasking Operating System)- इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में केवल एक ही कार्य को एक समय में किया जा सकता है।
  • मल्टी टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi-Tasking Operating System)- यह ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में एक से अधिक कार्यों को संभाल सकता है।

7) Operating system का महत्त्व-

ऑपरेटिंग सिस्टम का महत्त्व तकनीकी उपकरणों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण होता है। यह कंप्यूटर, मोबाइल डिवाइस, टैबलेट, सर्वर, और अन्य उपकरणों को चलाने और प्रबंधित करने के लिए आवश्यक होता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम उपकरणों के संसाधनों को प्रबंधित करता है, जैसे कि केंद्रीय प्रोसेसिंग यूनिट (CPU), मेमोरी, डिस्क स्टोरेज, इनपुट-आउटपुट डिवाइसेस इत्यादि। यह उपकरणों को संरचित तरीके से उपयोग करने में सहायता करता है ताकि उपयोगकर्ता के काम को सुविधाजनक तरीके से पूरा किया जा सके।

इसके अलावा, यह फ़ाइलों को संग्रहित करता है, प्रोसेसेस को नियंत्रित करता है, नेटवर्क कनेक्टिविटी को संचालित करता है, और उपयोगकर्ताओं को एक इंटरफेस प्रदान करता है ताकि वे उपकरणों को सही तरीके से उपयोग कर सकें।

8) Operating system की जरूरत-

ऑपरेटिंग सिस्टम एक उपकरण के लिए जरूरी होता है क्योंकि यह उपकरण को चलाने और प्रबंधित करने के लिए आवश्यक होता है। यह कंप्यूटर, मोबाइल फोन, टैबलेट, सर्वर, और अन्य डिवाइसेस को संसाधित करने में सहायक होता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम बिना किसी भी उपकरण के, उसके संसाधनों को प्रबंधित करने में असमर्थ होता। यह CPU, मेमोरी, डिस्क स्टोरेज, इनपुट और आउटपुट डिवाइसेस जैसे संसाधनों का प्रबंधन करता है ताकि उपयोगकर्ता कार्यों को कर सके।

इसके अलावा, ऑपरेटिंग सिस्टम फ़ाइलों को संग्रहित करता है, उन्हें संशोधित और संरक्षित रखता है, नेटवर्क संचालन करता है, और उपयोगकर्ताओं को एक इंटरफेस प्रदान करता है ताकि वे आसानी से उपकरण का इस्तेमाल कर सकें।

9) Operating system के फायदे-

  • संचालन और प्रबंधन– यह हार्डवेयर को संचालित करता है और प्रयोगकर्ताओं को संसाधित करने में मदद करता है।
  • सुरक्षा– ऑपरेटिंग सिस्टम सुरक्षा को बढ़ावा देता है और अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रखने में मदद करता है।
  • संगतता– यह सॉफ्टवेयरों को एक साथ काम करने में मदद करता है और उपयोगकर्ताओं को सहजता प्रदान करता है।

10) Operating system की कार्यक्षमता-

ऑपरेटिंग सिस्टम की कार्यक्षमता उसकी स्थिरता, दक्षता और प्रदर्शनशीलता का माप होता है। यह कंप्यूटर या उपकरण के संसाधनों का उपयोगकर्ता के द्वारा किये जाने वाले काम को सुविधाजनक तरीके से संचालित करने में सक्षम होता है।

अच्छे ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोगकर्ताओं को विभिन्न कार्यों को अनुकूल रूप से करने में सहायता करते हैं, जैसे कि विभिन्न एप्लिकेशन्स चलाना, फ़ाइलों को संग्रहित करना, इंटरनेट से जुड़ना, गेमिंग, वीडियो देखना इत्यादि।

एक अच्छा ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोगकर्ताओं को सुधारित अनुभव, तेज़ प्रतिक्रिया समय, और सुधारित सुरक्षा प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को एक संबंधित और उपयोगकर्ता-मित्र इंटरफेस प्रदान करके कार्यों को सरल बनाता है जो उन्हें उपकरण का इस्तेमाल करने में मदद करता है।

11) Operating system का भविष्य-

ऑपरेटिंग सिस्टम का भविष्य तकनीकी उन्नति और उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं के साथ जुड़ा होता है। भविष्य में, ऑपरेटिंग सिस्टमों में और वृद्धि होने की उम्मीद है जो उपयोगकर्ताओं को और बेहतर अनुभव देने में सक्षम होंगे।

यहां कुछ भविष्य के आंकलन हैं-

  • अधिक सुरक्षा- आने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम में अधिक सुरक्षा सुविधाएं हो सकती हैं जो उपयोगकर्ताओं के डेटा और नेटवर्क को सुरक्षित बनाए रखें।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग- AI का इस्तेमाल ऑपरेटिंग सिस्टम में सुधार करने के लिए किया जा सकता है, जिससे वे उपयोगकर्ताओं के तारीके से सीख सकें और उनकी प्राथमिकताओं को समझ सकें।
  • बेहतर प्रदर्शन और तेज़ी- आने वाले सिस्टम तकनीकी उन्नति के साथ और तेज़ और तकनीकी दृष्टि से बेहतर प्रदर्शन प्रदान कर सकते हैं।
  • और बेहतर उपयोगकर्ता-मित्र इंटरफेस- ऑपरेटिंग सिस्टम भविष्य में और अधिक उपयोगकर्ता-मित्र और सरल हो सकते हैं, जो उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधाजनक बनाए रखता है।
  • उन्नत सहयोग- आने वाले सिस्टम में अधिक सहयोगी तकनीकी तथा सामाजिक सुविधाएं हो सकती हैं, जो उपयोगकर्ताओं को अधिक सामूहिक रूप से काम करने में मदद करती हैं।

निष्कर्ष-

Operating system kya hai- ऑपरेटिंग सिस्टम हमारी तकनीकी दुनिया के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इसे हार्डवेयर को संचालित करने और उपयोगकर्ताओं को अन्य सॉफ्टवेयर का उपयोग करने की सुविधा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह न केवल सुधारी हुई प्रदर्शनक्षमता और उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करता है बल्कि डिजिटल दुनिया को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में भी मदद करता है।

FAQs

1. क्या हर डिवाइस का अपना अलग ऑपरेटिंग सिस्टम होता है?

हर डिवाइस का अलग ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं होता, लेकिन अलग-अलग डिवाइस के लिए अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं।

2. ऑपरेटिंग सिस्टम अपग्रेड क्यों जरूरी होता है?

अपग्रेड से ऑपरेटिंग सिस्टम में सुधार आते हैं जैसे सुरक्षा अपडेट और नए फीचर्स जो डिवाइस के प्रदर्शन को बेहतर बनाते हैं।

3. क्या सभी ऑपरेटिंग सिस्टम एक जैसे होते हैं?

नहीं, हर ऑपरेटिंग सिस्टम की अपनी विशेषताएँ होती हैं जैसे कि इंटरफ़ेस, कार्यक्षमता और अनुकूलता।

4. मोबाइल डिवाइस के लिए कौन से लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम हैं?

एंड्रॉइड और आईओएस मोबाइल उपकरणों के लिए लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम हैं जो बहुमुखी और उपयोगकर्ता के अनुकूल हैं।

5. ऑपरेटिंग सिस्टम की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है डिवाइस के लिए?

ऑपरेटिंग सिस्टम उपकरणों के कुशल कामकाज में बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि ये हार्डवेयर संसाधनों को प्रबंधित करता है और उपयोगकर्ताओं को आसान पहुंच प्रदान करता है।

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